PM मोदी का LPG संकट पर बड़ा बयान
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध के असर के बीच भारत में LPG की सप्लाई को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गैस की कमी को लेकर घबराहट फैलाने की कोशिश करने वाले लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं और ऐसे मामलों पर नजर रखने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने की उच्चस्तरीय बैठक
LPG सप्लाई को लेकर चिंता के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का भारत की गैस और तेल आपूर्ति पर संभावित असर का आकलन किया गया।
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक रणनीतिक योजना भी सक्रिय कर दी है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर कम से कम पड़े।
क्यों पैदा हुआ गैस संकट का डर
हालिया संकट की एक बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति बताई जा रही है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है और भारत की LPG आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 62 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें से अधिकांश सप्लाई इसी क्षेत्र से होकर गुजरती है।
अगर इस मार्ग में व्यवधान आता है तो वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर कुछ लोग अफवाहें फैलाकर लोगों में घबराहट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकारों और प्रशासन से कहा है कि ऐसी गतिविधियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करें।
सरकार का कहना है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है और देश में ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए कई वैकल्पिक विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : उत्तराखण्ड में गैस सिलेंडर की किल्लत से मचा हड़कंप!
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है। ऐसे समय में भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठा रही है।
सरकार की प्राथमिकता है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई प्रभावित न हो और जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन की उपलब्धता बनी रहे।
स्थिति पर लगातार नजर
सरकार ने यह भी कहा है कि हालात को देखते हुए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। अगर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव होता है तो तुरंत जरूरी फैसले लिए जाएंगे।
फिलहाल सरकार का कहना है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और जनता को किसी तरह की घबराहट फैलाने वाली खबरों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।




